Structure of human Heart in hindi / human heart for class 12th / मानव हृदय की संरचना

                 मानव हृदय की संरचना                       (Structure of human Heart)


 हृदय हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग है। हृदय की रचना विशेष  प्रकार की हृद पेशियों के द्वारा होती है। ये पेशियाँ कभी भी रुकती व थकती नही हैं । हृदय शिराओं द्वारा विभिन्न अंगों से रुधिर को एकत्र किया जाता है और एकत्र किए गए रुधिर को धमनियों द्वारा शरीर के विभिन्न अंगों में पंप किया जाता है।कशेरुकियों का ह्रदय हृद पेशी बना होता है, जो एक अनैच्छिक पेशी ऊतक है, जो केवल ह्रदय अंग में ही पाया जाता है।सामान्य रूप से एक नौजवान पुरुष का हृदय एक मिनट में 70 बार धड़कता है। प्रत्येक धड़कन में हृदय लगभग 70 मि.ली. रक्त पम्प करता है। इस प्रकार 70 धड़कनों में हृदय 5 लीटर रक्त पम्प करता है। हमारे शरीर में कुल रक्त की मात्रा 5-6 लीटर होती है। लेकिन 14 घंटे में हमारा हृदय 8-10 हजार लीटर रक्त पम्प करता है.
हृदय की स्थिति:- हृदय  वक्षगुहा में फेफड़ों के बीच में स्थित होता है। इसका अधिकांश भाग वर्ष के बायीं ओर तथा थोड़ा सा भाग उरोस्थि के दायी ओर होता है। एक स्वस्थ व्यक्ति का हृदय लगभग 12 से 13 सेंटीमीटर लंबा और अगले सिरे पर लगभग 9 सेंटीमीटर चौड़ा तथा 6 सेंटीमीटर मोटा होता है। लगभग इसका आकार व्यक्ति की बंद मुट्ठी के समान होता है। इसका भार लगभग तीन सौ ग्राम होता है। इसका रंग हल्का लाल होता है। हृदय चारों ओर से दोहरे हृदय आवरण से घिरा होता है। दोनो झिल्लियों  के मध्य हृदयावरणीय  तरल  भरा होता है।

#humanheartinhindi
#humanheart
#humanbodyparts


Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog

विवेकानंद जी के बारे मे रोचक तथ्य/amezan facts about vivekananda ji/ #amezingfacts/#vivekanand ji ka jivan parichay

सच्चे दोस्त को कैसे पहचानें/#how to identify a true friend.